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Month

February 2016

अतीत के झरोखे से झाँके

Why-Its-Better-to-Be-Alone-Than-With-the-Wrong-Person

A story woven through hindi poetry-

(My second attempt with matras and bindus!)

यूँ तोः हमारी ज़िन्दगी में सब कुछ था,
चेहरे पे मुस्कान और मन में शान्ति
वह कोशिश करते करते हम , छोटे और बड़े काम,
सोचा धीरे धीरे सफलता की सीढ़ी चढ़ेंगे ।
खुद पर बनी विश्वास को पकड़ कर रखना पड़ता;
जब अकेले अनजान रास्तों पे निकल जाते थे हम;
जब कुछ पाने की आस में पैसे इकठा करते थे हम,
जब अजनबी उन लोगों से मिलते थे हम हस हस कर,
एक नकाब पेहेनके दर को छुपा लेते थे हम ।
चिंता होती तोह थी , पर विश्वास से घोट जाते थे उसे हम ।
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प्यार के एक झरोखे से

move-towards-the-light-

This blog and the one following the same, are my attempts with hindi writing and poetry.

Indeed, thoughts and emotions do not have one language. A sudden contemplation.

बैठे बैठे उस रौशनी को ढूंढती थी,

जिसमे एक अनोखी आवाज बेहती थी ;

न जाने वक़्त कहाँ ले जाकर छोड दे हमेंं,

कही अनकही आवाज खो ना जएेँ कहीं ।

हर पल बदलती इस अजीब सी दुनिया में,

एक वादा निभाना तुम;

अगर मेरी आवाज तुम तक पहुँच जाएे,

इन बढती वक़्त के दायरे से भी,

तो मेरी रौशनी बन जाना तुम,

तो मेरी रौशनी बन जाना तुम ।।

-निकिता

(Please excuse errors in matras or in language!)

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